Jabalpur Lokayukta Raid: 1 करोड़ रूपये की आय, 3.78 करोड़ रूपये खर्च! जबलपुर में वाणिज्यिक कर अधिकारी के घर लोकायुक्त का छापा

Jabalpur Lokayukta Raid: आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने मंगलवार सुबह जबलपुर में वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के आवास पर छापेमारी की। सुबह 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद जमीन, मकान, फ्लैट, वाहनों और बीमा पॉलिसियों का पता चला।
लोकायुक्त की शुरुआती जांच के अनुसार अधिकारी की कुल आय लगभग 1.03 करोड़ रूपये है जबकि उनका दर्ज खर्च लगभग 3.78 करोड़ रूपये है जो उनकी कुल आय का 264.64% है। चल रही जांच के तहत इन संपत्तियों की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारी और पत्नी के नाम पर मिलीं कई संपत्तियां
लोकायुक्त के अनुसार जबलपुर में मनीष कुमार जैन के नाम पर 278.74 वर्ग मीटर जमीन मिली है, जिसकी कीमत लगभग 1.43 करोड़ रूपये है। इसके अलावा, जबलपुर में ही उनकी पत्नी निधि जैन के नाम पर जमीन के कई अन्य प्लॉट भी मिले हैं। यह भी पता चला है कि उनकी पत्नी के पास 180 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बना एक बंगला और भोपाल में एक फ्लैट है। साथ ही, उनकी पत्नी के नाम पर 402.41 वर्ग मीटर का एक और प्लॉट भी दर्ज है।
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सागर जिले में माता-पिता के नाम पर भी मकान
जांच में सागर जिले के बंडा में 92.93 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बना एक मकान भी सामने आया है जो अधिकारी की मां शशि जैन के नाम पर है। इसके अलावा बंडा में ही दो अन्य प्लॉटों पर भी मकान बने हुए हैं जो उनके पिता कोमलचंद जैन के नाम पर दर्ज हैं। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत अलग है।
कार, स्कूटर और बीमा पॉलिसियों की भी जांच
लोकायुक्त के मुताबिक अधिकारी की पत्नी के नाम पर एक मारुति स्विफ्ट कार और एक सुजुकी एक्सेस स्कूटर भी खरीदा गया था। इन दोनों वाहनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 5.10 लाख रुपये है। जांच में यह भी पता चला है कि अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर ली गई बीमा पॉलिसियों पर लगभग 33.93 लाख रुपये खर्च किए गए थे। आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ भ्रष्टाचार का मामला
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले को एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि मनीष कुमार जैन ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जमा कर ली है। इंस्पेक्टर बृजमोहन सिंह नरवरिया ने इस शिकायत की जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संशोधित धाराओं 13(1)(b) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद जांच शुरू की गई जिसकी शुरुआत 27 अक्टूबर की सुबह अधिकारी के आवास पर छापेमारी के साथ हुई। यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के मार्गदर्शन और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह की देखरेख में की जा रही है। लोकायुक्त की टीमें फिलहाल विभिन्न संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई अभी भी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी।
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